चुनाव आयोग का नोटिस आया है तो घबराएं नहीं: सही दस्तावेज लेकर पहुंचें, 8 तरह की विसंगतियों का होगा आसान समाधान

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देहरादून। यदि आपको मतदाता सूची से संबंधित चुनाव आयोग का नोटिस मिला है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष सत्यापन अभियान के तहत विभिन्न प्रकार की आठ प्रमुख विसंगतियों के आधार पर नोटिस जारी किए हैं। आयोग का कहना है कि संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत कर इन विसंगतियों का आसानी से निस्तारण कराया जा सकता है। 

चुनाव आयोग के अनुसार, सबसे अधिक नोटिस मतदाता और उसके माता-पिता की आयु में असामान्य अंतर, भाई-बहनों की आयु में कम अंतर, नाम संबंधी त्रुटियों और परिवार के सदस्यों की गलत मैपिंग जैसी विसंगतियों को लेकर जारी किए गए हैं। ऐसे मामलों में मतदाताओं को अपनी स्थिति के अनुसार प्रमाण पत्र और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। यदि मतदाता और माता-पिता की आयु में 15 वर्ष से कम या 50 वर्ष से अधिक का अंतर दर्ज है, तो जन्म प्रमाणपत्र, 10वीं की अंकतालिका या अन्य आयु संबंधी दस्तावेज के साथ माता-पिता की आयु का प्रमाण देना होगा। यदि माता-पिता जीवित नहीं हैं, तो बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) मौके की जांच कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसी तरह, यदि भाई-बहनों की आयु में नौ माह से कम का अंतर दर्ज है, तो दोनों के जन्म प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने होंगे। दादा-दादी या नाना-नानी की आयु से जुड़ी विसंगतियों में बीएलओ की जांच रिपोर्ट अथवा स्थानीय जनप्रतिनिधि का प्रमाण पर्याप्त माना जाएगा। मतदाता के नाम या उसके संबंधी के नाम में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर 10वीं का प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र या अन्य वैध पहचान दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकते हैं। वहीं, पिछली मतदाता सूची में नाम अनमैप्ड होने की स्थिति में आयु के आधार पर एक, दो या तीन दस्तावेज जमा करने होंगे। चुनाव आयोग ने दस्तावेजों की एक सूची भी जारी की है, जिसमें आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, 10वीं की मार्कशीट, वैध पासपोर्ट, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी पहचान पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने पर समय पर बीएलओ या संबंधित निर्वाचन कार्यालय में पहुंचकर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने से मामला आसानी से सुलझाया जा सकता है। अधिकारियों ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, निर्धारित समय के भीतर आवश्यक दस्तावेज जमा करें और मतदाता सूची में अपनी जानकारी सही एवं अद्यतन कराएं। इससे भविष्य में मतदान के अधिकार का निर्बाध उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।