महाराष्ट्र में iPhone खरीदने को लेकर विवाद परिवार के लिए बना जानलेवा

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के तिसगांव इलाके में शुक्रवार को एक परिवार के लिए शुरू हुआ मामूली विवाद कुछ ही घंटों में ऐसी त्रासदी में बदल गया, जिसने पूरे परिवार को उजाड़ दिया। iPhone की EMI चुकाने के लिए पैसे मांगने को लेकर बेटे की अपने पिता से कहासुनी हुई। इसके बाद 18 वर्षीय कुणाल चांदगुडे घर से निकलकर करीब 300 फीट ऊंचे खवड्या पहाड़ पर पहुंच गया। उसे समझाने और सुरक्षित वापस लाने की कई घंटे तक कोशिश की गई, लेकिन हालात काबू में नहीं आ सके। बेटे को बचाने पहुंचे पिता की भी जान चली गई और इसके बाद मां की भी मौत हो गई। मृतकों की पहचान कुणाल चांदगुडे (18), उसके पिता मुरलीधर चांदगुडे (48) और मां संगीता चांदगुडे (42) के रूप में हुई है। परिवार झाल्टा फाटा इलाके का रहने वाला था। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस के मुताबिक, कुणाल ने iPhone खरीदा था, लेकिन उसकी EMI चुकाने में उसे परेशानी हो रही थी। EMI के लिए वह परिवार से पैसे मांग रहा था। इसी बात को लेकर शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे उसका पिता मुरलीधर से विवाद हो गया। कहासुनी के बाद कुणाल गुस्से में घर से निकल गया और तिसगांव इलाके में स्थित खवड्या पहाड़ पर पहुंच गया। यह पहाड़ ऊंचा और खड़ी चट्टानों वाला है। उसके नीचे गहरी खाई होने के कारण स्थिति बेहद संवेदनशील थी। कुणाल के पहाड़ पर पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग उसकी तलाश करते हुए वहां पहुंचे। कुणाल को पहाड़ की ऊंची चट्टान पर खड़ा देखकर उसकी मां संगीता ने उसे वापस आने के लिए समझाना शुरू किया। वह लगातार बेटे से नीचे उतरने की अपील करती रहीं। आसपास के ग्रामीण और गांव के पूर्व सरपंच संजय भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी कुणाल को समझाने की कोशिश की। चश्मदीद और पूर्व सरपंच संजय के मुताबिक, कुणाल सुबह करीब 10 बजे से दोपहर एक बजे तक पहाड़ की ऊंची चट्टान पर रहा। वह लगातार अपनी जगह बदल रहा था। मां रोते हुए उससे नीचे आने की गुहार लगाती रहीं, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। संजय ने बताया कि उन्होंने भी कुणाल को समझाते हुए उससे कहा कि वह पढ़ा-लिखा है और ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, लेकिन कुणाल पर किसी समझाइश का असर नहीं हुआ। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और दमकल विभाग की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पहाड़ की तलहटी में सुरक्षा जाल लगाने का प्रयास किया। लेकिन चट्टान के ऊपर कुणाल लगातार अपनी जगह और दिशा बदल रहा था, जिससे उसे सुरक्षित नीचे लाना चुनौतीपूर्ण बना रहा। पुलिस और स्थानीय लोगों की ओर से लगातार उसे समझाने का प्रयास किया जाता रहा। करीब तीन घंटे तक उसे सुरक्षित नीचे लाने की कोशिश जारी रही।

बेटे को बचाने पहुंचे पिता, दोनों गहरी खाई में गिरे
दोपहर करीब एक बजे कुणाल के पिता मुरलीधर किसी तरह उस हिस्से तक पहुंच गए, जहां उनका बेटा मौजूद था। उन्होंने बेटे को समझाने के साथ उसे पीछे खींचकर सुरक्षित स्थान पर लाने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों का संतुलन बिगड़ गया और दोनों पहाड़ से नीचे गहरी खाई में गिर गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और दमकलकर्मियों ने बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी। पति और बेटे के साथ हुए हादसे के बाद संगीता सदमे में आ गईं। बताया जाता है कि इसके कुछ ही देर बाद उन्होंने भी पहाड़ी से छलांग लगा दी। इस तरह कुछ ही घंटों के भीतर परिवार के तीनों सदस्यों की जान चली गई। पूर्व सरपंच संजय ने बताया कि करीब चार साल पहले कुणाल के छोटे भाई की भी मौत हो चुकी थी। अब इस घटना के बाद परिवार पूरी तरह खत्म हो गया। घटना की सूचना मिलने के बाद वालुज पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। पुलिस इंस्पेक्टर रामेश्वर गाड़े के नेतृत्व में पुलिस टीम घटना के दौरान मौजूद लोगों से जानकारी जुटा रही है।