उत्तराखंड के नव-नियुक्त 9वें राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने 19 अक्तूबर को लोकभवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। कमान संभालते ही उन्होंने अपनी पहली धार्मिक और आधिकारिक यात्रा के तहत भू-वैकुंठ बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए।
नवनियुक्त राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन शनिवार को विश्वप्रसिद्ध बदरीनाथ धाम पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति तथा खुशहाली की कामना की। राज्यपाल के बदरीनाथ धाम पहुंचने को लेकर धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी विशेष महत्व देखा जा रहा है, क्योंकि प्रदेश के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण करने के बाद यह उनका पहला बदरीनाथ दर्शन कार्यक्रम है। बदरीनाथ धाम पहुंचने पर राज्यपाल ने भगवान बदरी विशाल के समक्ष शीश नवाया और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की उन्नति, जनकल्याण और नागरिकों के सुखमय जीवन की कामना की। हिमालय की गोद में स्थित बदरीनाथ धाम देश के प्रमुख चारधामों में शामिल है। यहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान विष्णु के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उल्लेखनीय है कि डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने 19 अक्टूबर को लोकभवन में उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की थी। शपथ ग्रहण के बाद बदरीनाथ धाम की उनकी यह पहली यात्रा है। राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालने के बाद उनका यह धार्मिक दौरा प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं के महत्व को भी रेखांकित करता है। उत्तराखंड को देवभूमि के रूप में विशेष पहचान प्राप्त है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे प्रमुख धाम प्रदेश की धार्मिक विरासत के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। बदरीनाथ धाम में भगवान बदरी विशाल के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने पूजा-अर्चना के माध्यम से प्रदेश और देश की शांति, समृद्धि तथा खुशहाली की मंगलकामना की। उनकी इस यात्रा के साथ ही बदरीनाथ धाम में धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक परंपरा का संदेश भी सामने आया।

