'सेवा संकल्प' की अनूठी पहल: दिवाली से पहले दीयों से जगमगाएंगे 'लखपति दीदियों' के घर, सोशल मीडिया पर अपलोड होंगी सेल्फी

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देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस और उनके सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों के बेमिसाल सेवा सफर के उपलक्ष्य में उत्तराखंड में 'सेवा संकल्प अभियान' की भव्य शुरुआत हो रही है। इस अभियान के तहत 17 सितंबर की शाम उत्तराखंड का नजारा दिवाली से कम नहीं होगा। प्रदेश भर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन  से जुड़ी लाखों 'लखपति दीदियां' और किसान परिवार अपने-अपने घरों में शाम के समय आस्था और आभार का दीया जलाएंगे। इतना ही नहीं, महिलाएं दीये के साथ अपनी सेल्फी खींचकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी साझा करेंगी। 

पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उत्तराखंड में ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी से जोड़ने की तैयारी है। अभियान के तहत प्रदेश की लखपति दीदियां 17 सितंबर की शाम अपने घरों में दीये जलाएंगी और दीये के साथ सेल्फी सोशल मीडिया पर साझा करेंगी। सरकार की कोशिश है कि इस कार्यक्रम को केवल प्रतीकात्मक आयोजन तक सीमित न रखते हुए महिलाओं, किसानों, युवाओं और विभिन्न वर्गों को सेवा एवं विकास के संकल्प से जोड़ा जाए। ग्राम्य विकास विभाग की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) योजना के तहत प्रदेश में 71,362 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। इन समूहों से करीब तीन लाख लखपति दीदियां जुड़ी हैं, जो विभिन्न उत्पादक गतिविधियों के जरिए अपनी आय बढ़ाने में जुटी हैं। इसके साथ ही लगभग पांच लाख किसान भी विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। विभाग इन स्वयं सहायता समूहों, लखपति दीदियों और किसान परिवारों को अभियान से जोड़कर एक माह तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगा। इस दौरान बेहतर कार्य करने वाली लखपति दीदियों और किसानों को सम्मानित करने की भी योजना है। 17 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को अभियान का प्रमुख आकर्षण बनाया गया है। दीया जलाने के बाद महिलाओं से सोशल मीडिया पर सेल्फी साझा करने की अपील की गई है। सरकार इसे उन महिलाओं की भागीदारी के रूप में देख रही है, जिनके जीवन में स्वयं सहायता समूहों और सरकारी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक बदलाव आया है। ग्राम्य विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी के अनुसार दीया जलाना प्रधानमंत्री के कार्यों के प्रति जनता की ओर से धन्यवाद का प्रतीक है। साथ ही यह उन माताओं-बहनों के आशीर्वाद का प्रतीक भी है, जिनके जीवन में जनहितकारी योजनाओं के कारण बदलाव आया है। सेवा संकल्प अभियान में रोजगार और युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों को भी प्रमुखता दी गई है। 19 सितंबर को देहरादून सहित देश के 45 स्थानों पर रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आभासी माध्यम से युवाओं को नियुक्ति प्रमाणपत्र प्रदान करेंगे। ऐसे कार्यक्रमों से अभियान को रोजगार और युवा सशक्तीकरण से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान माह’ के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें रक्तदान शिविर, जनसंवाद, सम्मान समारोह और केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के प्रयास शामिल होंगे। इस पहल का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि सरकार योजनाओं को केवल सरकारी कागजों और आंकड़ों तक सीमित रखने के बजाय लाभार्थियों की भागीदारी और उनके अनुभवों को सामने लाना चाहती है। लखपति दीदियों और किसान परिवारों को अभियान से जोड़ना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला स्वावलंबन की कहानी को भी सार्वजनिक मंच देने का प्रयास है। हालांकि, किसी भी जनअभियान की वास्तविक सफलता केवल सोशल मीडिया की तस्वीरों या आयोजनों की संख्या से नहीं, बल्कि इस बात से तय होगी कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक कितना पहुंचा। यदि सेवा संकल्प अभियान रोजगार, महिला स्वावलंबन, किसान आय और सरकारी योजनाओं की पहुंच को मजबूत करने में सफल रहता है, तो ‘आशीर्वाद का दीया’ महज एक दिन का कार्यक्रम न रहकर ग्रामीण उत्तराखंड में बदलाव की व्यापक तस्वीर बन सकता है।