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बिहार नाव हादसा: CM सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजे का किया ऐलान

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वैशाली। बिहार के वैशाली जिले में मंगलवार रात एक दर्दनाक नाव हादसे ने कई परिवारों की खुशियां मातम में बदल दीं। राघोपुर थाना क्षेत्र की रामपुर श्यामचंद पंचायत में ढाब के दूसरी ओर भोज खाने जा रहे ग्रामीणों से भरी एक छोटी नाव बीच पानी में अनियंत्रित होकर पलट गई। नाव पर करीब 20 लोग सवार बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद नाव में सवार लोग पानी में डूबने लगे, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग घटनास्थल पर पहुंच गए और स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू कर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे में 13 लोगों की मौत की बात सामने आई है, हालांकि मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि की जा रही है। हादसे में जान गंवाने वालों में अधिकांश बच्चियां बताई जा रही हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है, जबकि अस्पताल में परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। जानकारी के अनुसार, रामपुर श्यामचंद पंचायत के करीब 20 लोग मंगलवार रात एक छोटी नाव पर सवार होकर ढाब के दूसरी ओर भोज खाने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान बीच पानी में नाव अचानक अनियंत्रित हो गई और पलट गई। नाव पलटते ही उस पर सवार लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग पानी में डूबने लगे। रात के समय हुए इस हादसे से घटनास्थल पर हड़कंप मच गया। आसपास मौजूद लोगों को जैसे ही नाव पलटने की सूचना मिली, ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचने लगे। हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक मदद का इंतजार किए बिना बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने पानी में डूब रहे लोगों को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत की। करीब एक घंटे तक चले प्रयासों के बाद पानी से निकाले गए लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राघोपुर फतेहपुर पहुंचाया गया। इस दौरान घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और ग्रामीण अपने परिजनों की तलाश में जुटे रहे।

हादसे के बाद घायलों और अन्य लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राघोपुर फतेहपुर लाया गया तो अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। अपने प्रियजनों की सलामती की उम्मीद लेकर पहुंचे परिजन बदहवास नजर आए। किसी को अपने बच्चे की चिंता थी तो कोई परिवार के दूसरे सदस्यों की जानकारी लेने के लिए इधर-उधर भटकता रहा। अस्पताल में परिजनों की चीख-पुकार से माहौल बेहद गमगीन हो गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे के बाद 17 बच्चों और अन्य लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। इनमें से तीन की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित पीएमसीएच रेफर किया गया, जबकि एक बच्चे की स्थिति ठीक बताई गई। वहीं, शुरुआती सूचना में 13 लोगों की मौत की बात कही गई है। हालांकि, मृतकों की वास्तविक संख्या और सभी प्रभावित लोगों की स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है। हादसे में अधिकांश बच्चियों की मौत की शुरुआती जानकारी ने घटना को और भी हृदयविदारक बना दिया है। जिन परिवारों में भोज को लेकर उत्साह और सामान्य चहल-पहल रही होगी, वहां कुछ ही देर में मातम पसर गया। घटना की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में भी शोक का माहौल बन गया। वैशाली के राघोपुर में हुए इस दर्दनाक नाव हादसे पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने हादसे में मासूमों की मौत की खबर को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताया।

मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति और दुखी परिजनों को इस अपार पीड़ा को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेजी से पूरा करने और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री की ओर से मुआवजे की घोषणा के बाद अब प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। हादसे में घायल लोगों के समुचित उपचार और घटना से संबंधित तथ्यों की पुष्टि पर भी प्रशासन का ध्यान केंद्रित है। वैशाली के राघोपुर में नाव पलटने की घटना पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने हादसे में हुई जनहानि को अत्यंत दुखद बताते हुए अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं। नितिन नवीन ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। हादसे को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर शोक व्यक्त किया जा रहा है, जबकि प्रभावित परिवार अपने प्रियजनों को खोने के गहरे सदमे से गुजर रहे हैं।