चुनाव आयोग का निर्देश: 29 जुलाई तक चलेगा डोर-टू-डोर अभियान, अनुपस्थिति में परिजन भी भर सकते हैं प्रपत्र

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रांची। झारखंड में इन दिनों मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण का महाअभियान चल रहा है,लेकिन राज्य की राजधानी रांची के मतदाताओं में इसे लेकर भारी उदासीनता देखी जा रही है। चुनाव आयोग द्वारा जारी ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, रांची जिला इस रेस में काफी पिछड़ गया है। जिले के कुल 26 लाख 74 हजार 681 मतदाताओं में से अब तक 10 लाख 70 हजार 214 लोगों तक ही गणना प्रपत्र पहुंच सका है। चौंकाने वाली बात यह है कि वितरित किए गए प्रपत्रों में से महज 5.74 प्रतिशत मतदाताओं ने ही इसे भरकर वापस जमा किया है। दूसरी ओर, सिमडेगा जिला इस अभियान में मिसाल बनकर उभरा है, जहां सबसे ज्यादा 24.26 प्रतिशत मतदाताओं ने प्रपत्र जमा कर दिए हैं।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, विधानसभा स्तर पर सिमडेगा के कोलेबिरा विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने सबसे ज्यादा सक्रियता दिखाई है। यहाँ रिकॉर्ड 25.58 प्रतिशत लोगों ने फॉर्म जमा किया है। इसके ठीक उलट, सबसे खराब स्थिति रांची विधानसभा क्षेत्र की है, जहाँ केवल 2.01 प्रतिशत मतदाताओं ने ही गणना प्रपत्र पर हस्ताक्षर कर बीएलओ को सौंपा है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार, 30 जून से शुरू हुए इस अभियान के पहले एक सप्ताह में पूरे राज्य में रफ्तार पकड़ी गई है। करीब 1,28,89,045 मतदाताओं (कुल वोटर्स का 48.71%) तक फॉर्म बांटे जा चुके हैं। राज्यभर में अब तक 19,95,775 प्रपत्र भरकर जमा किए जा चुके हैं। चुनाव आयोग का यह अभियान 29 जुलाई तक चलना है, जिसमें बीएलओ को घर-घर जाकर फॉर्म भरवाना है। लेकिन धरातल पर कहानी कुछ और ही बयां कर रही है।  सामाजिक कार्यकर्ता जयंत झा ने बताया कि उन्हें खुद अब तक गणना प्रपत्र नहीं मिला है। विशेष कैंप में मैपिंग के लिए बीएलओ से संपर्क हुआ था, लेकिन उसके बाद न तो वार्ड मेंबर कोई जानकारी दे रहे हैं और न ही बीएलओ। लालपुर के वर्धमान कंपाउंड निवासी जयशंकर ने कहा, "मैं लंबे समय से मतदान कर रहा हूँ, लेकिन अब तक कोई बीएलओ मेरे घर नहीं आया। जब प्रपत्र ही नहीं मिलेगा, तो एसआईआर की प्रक्रिया कैसे पूरी होगी? झारखंड के सीमावर्ती जिलों में भी प्रपत्र जमा करने की रफ्तार कछुआ गति से चल रही है। 7 जुलाई तक के आंकड़े बताते हैं कि इन इलाकों में भारी सुस्ती है। गोड्डा 2.8% (सबसे कम), गिरिडीह 4.05%,देवघर 4.18%,साहिबगंज (तीनों सीटें) 4.25%,पाकुड़ 5.88%,चतरा 7.9%,गढ़वा 9.38%, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और आसान है। इसमें मतदाताओं को दो स्तरीय सत्यापन से गुजरना होगा। यह प्रक्रिया केवल भारतीय नागरिकों के लिए है। फॉर्म भरते समय किसी भी प्रकार का दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं है। घर से बाहर रहने वाले मतदाता ऑनलाइन माध्यम से अपने बीएलओ से संपर्क कर फॉर्म जमा कर सकते हैं। यदि मतदाता घर पर अनुपस्थित है, तो उसके पात्र परिजन भी फॉर्म भरकर बीएलओ को दे सकते हैं। जो भी पात्र नागरिक इस इम्यूनरेशन फॉर्म को जमा करेंगे, उनका नाम 5 अगस्त को मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन में शामिल कर लिया जाएगा। चुनाव आयोग ने 29 जुलाई तक डोर-टू-डोर अभियान चलाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया है, लेकिन अगर रांची और सीमावर्ती जिलों ने रफ्तार नहीं पकड़ी, तो अंतिम सूची पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।