Feb 16, 2026

सुगम चारधाम यात्रा के लिए गढ़वाल आयुक्त ने दिए सख्त निर्देश

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उत्तराखंड में इस वर्ष चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से विधिवत शुरू होने जा रही है। यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने चार ट्रांजिट कैंप में चारों धामों के होटल एसोसिएशन पदाधिकारियों, ट्रांसपोर्टर, टूर ऑपरेटर तथा डंडी-कंडी व्यवसायियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में यात्रा व्यवस्थाओं, पंजीकरण प्रणाली, यात्री सुविधा और स्थानीय व्यापारियों के हितों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। होटल व्यवसायियों ने धामों में यात्रियों की संख्या की वैधता समाप्त करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि सीमित संख्या की बाध्यता से व्यवसाय प्रभावित होता है। साथ ही यात्रियों के पंजीकरण में न्यूनतम शुल्क निर्धारित करने का सुझाव भी दिया गया, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और संतुलित बनी रहे।

ट्रांसपोर्टरों की ओर से टीजीएमओयू के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी ने बाहरी राज्यों के वाहनों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में अन्य राज्यों के वाहन हरिद्वार पहुंचकर एक स्थान से संचालित होते हैं और मनमाने किराए पर यात्रियों को यात्रा कराते हैं। इससे स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने प्रदेश में ‘केयर ऑफ’ पते पर बाहरी राज्यों के वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही आरोप लगाया कि रोडवेज में दूसरे राज्य के एक व्यक्ति की लगभग 50 बसें अनुबंधित होकर संचालित हो रही हैं, जिस पर रोक लगनी चाहिए। चारधाम यात्रा रोटेशन के पूर्व अध्यक्ष नवीन रमोला ने अव्यवस्थाओं की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा इंद्रमणि बडोनी चौक से चंद्रभागा नदी किनारे ट्रांजिट कैंप तक बनाई गई सड़क पर वर्तमान में अतिक्रमण है। वहां ईंट सप्लायर, ट्रक स्टैंड और बस धुलाई केंद्रों ने कब्जा कर रखा है, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा आईएसबीटी के आसपास पुलिस सत्यापन अभियान और नियमित चेकिंग के अभाव में पार्किंग में खड़ी बसों की बैटरियां चोरी होने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। गढ़वाल आयुक्त ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप को सुरक्षा और सत्यापन व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए, ताकि चारधाम यात्रा शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।