Apr 07, 2026

पर्वतीय क्षेत्रों के गरीबों को बड़ी राहत: अप्रैल में ही तीन महीने का अग्रिम राशन देगी उत्तराखंड सरकार

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देहरादून। उत्तराखंड के राशन कार्डधारकों के लिए अप्रैल का महीना खुशियों की सौगात लेकर आया है। प्रदेश के 23 लाख से अधिक परिवारों को अब राशन के लिए हर महीने कोटेदार के चक्कर नहीं काटने होंगे। केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' (PMGKY) के तहत राज्य के पात्र उपभोक्ताओं को अप्रैल महीने में ही आगामी तीन महीनों (अप्रैल, मई और जून 2026) का राशन एक साथ देने का निर्णय लिया गया है। इस कदम से विशेषकर पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के गरीब परिवारों को खाद्यान्न की चिंता से मुक्ति मिलेगी।

अपर खाद्य आयुक्त पी.एस. पांगती ने इस संबंध में सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि वितरण की पूरी प्रक्रिया ई-पॉश (e-POS) मशीन के माध्यम से ऑनलाइन और पारदर्शी रहेगी। उपभोक्ताओं को प्रत्येक महीने के कोटे के लिए अलग-अलग तीन बार बायोमीट्रिक ट्रांजेक्शन (अंगूठा लगाकर आधार वेरिफिकेशन) करना होगा। यह व्यवस्था उन कार्डधारकों के लिए भी संजीवनी साबित होगी जो मार्च 2026 का राशन किसी कारणवश नहीं ले पाए थे; वे अपना बकाया राशन 15 अप्रैल तक प्राप्त कर सकते हैं। जहाँ एक ओर उपभोक्ता इस फैसले से उत्साहित हैं, वहीं राशन विक्रेताओं (सस्ता गल्ला डीलर्स) ने इस व्यवस्था पर कुछ चिंताएँ जताई हैं। 'ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन' ने विभागीय मंत्री रेखा आर्या से मुलाकात कर अपनी समस्याएँ रखीं। विक्रेताओं का कहना है कि एक साथ तीन महीने का भारी-भरकम राशन बाँटने और तीन बार बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन करने से दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ेगी। उन्होंने माँग की है कि तीन बार के बजाय एक ही बार वेरिफिकेशन की अनुमति दी जाए, ताकि लंबी कतारों से बचा जा सके और कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े। विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि तीन बार बायोमीट्रिक ट्रांजेक्शन से डेटा पूरी तरह सटीक रहेगा और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होगी। अग्रिम राशन मिलने से उपभोक्ताओं का समय और परिवहन पर होने वाला खर्च बचेगा। खासकर खेती-किसानी के सीजन में मजदूरों और किसानों को बार-बार राशन की दुकान पर लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। फिलहाल, शासन स्तर पर राशन विक्रेताओं की माँगों पर विचार किया जा रहा है, लेकिन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि 23 लाख से ज्यादा परिवार इसी महीने अपनी रसोई के लिए तीन महीने का सुरक्षित स्टॉक घर ले जा सकेंगे।