Mar 30, 2026

एनआईसी परिवहन टीम ने ग्रीन कार्ड पोर्टल का किया सफल परीक्षण, अब तकनीकी दिक्कतों के बिना बनेंगे यात्री वाहनों के कार्ड

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हरिद्वार/ऋषिकेश। चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों के तहत उत्तराखंड में आज से व्यावसायिक यात्री वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित एआरटीओ कार्यालय में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा इस व्यवस्था का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। वहीं ऋषिकेश में पूजा-अर्चना के बाद वाहन स्वामियों को ग्रीन कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे।

ऋषिकेश एआरटीओ (प्रशासन) रावत सिंह कटारिया ने बताया कि ग्रीन कार्ड पोर्टल पर निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद ही वाहन स्वामी परिवहन कार्यालय से अपना ग्रीन कार्ड प्राप्त कर सकेंगे। छोटे वाहनों के लिए 450 रुपये तथा बड़े वाहनों के लिए 650 रुपये शुल्क तय किया गया है। ग्रीन कार्ड केवल व्यवसायिक यात्री वाहनों के लिए जारी किए जाएंगे, जो चारधाम मार्गों पर संचालित होंगे। पहले यह व्यवस्था 23 मार्च से शुरू करने की योजना थी, लेकिन कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण तिथि स्थगित कर दी गई। अब उत्तराखंड एनआईसी (परिवहन) की टीम के सीनियर डायरेक्टर आईटी हिमांशु कुमार और संयुक्त निदेशक आईटी रमन पुंडीर द्वारा ग्रीन कार्ड पोर्टल का पूर्ण परीक्षण कर लिया गया है। पोर्टल पूरी तरह तैयार है और सुगम रूप से काम करेगा। चारधाम यात्रा 19 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली है। ग्रीन कार्ड व्यवस्था यात्रा को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम बनाने के उद्देश्य से लागू की जा रही है। इससे वाहनों की निगरानी आसान होगी, भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित होगी। हरिद्वार, ऋषिकेश, नारसन सहित अन्य केंद्रों पर भी ग्रीन कार्ड पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी। परिवहन विभाग के अनुसार, राज्य में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं और वाहन स्वामियों को यह डिजिटल सुविधा मिलेगी, जिससे पहले की मैनुअल प्रक्रिया की तुलना में समय और परेशानी दोनों बचेगी। ग्रीन कार्ड के साथ ट्रिप कार्ड व्यवस्था भी लागू की जा रही है। परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि सरकार चारधाम यात्रा को भक्तों के लिए यादगार और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रीन कार्ड पोर्टल (greencard.uk.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है। यह कदम चारधाम यात्रा के दौरान होने वाली यातायात जाम, दुर्घटनाओं और अनियंत्रित वाहन संचालन को कम करने में सहायक सिद्ध होगा। लाखों श्रद्धालु हर साल गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की यात्रा करते हैं। सरकार ने इस बार सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान दिया है।