सशक्त सीमांत, समृद्ध उत्तराखंड: ₹165 करोड़ की विकास योजनाओं से बदलेगी पिथौरागढ़ जनपद की पूरी तस्वीर

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पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के विकास और सांस्कृतिक गौरव को नई ऊंचाई देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को 'कैलाश उत्सव-2026' का भव्य शुभारंभ किया। एलएसएम कॉलेज परिसर में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने न केवल दीप प्रज्वलित कर उत्सव का आगाज़ किया, बल्कि जनपद के लिए ₹165 करोड़ से अधिक की 45 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर सीमांत क्षेत्र की तस्वीर बदलने का संकल्प दोहराया।

संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने आदि कैलाश और पार्वती कुंड यात्रा का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "साल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक दौरे के बाद से इस पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।" सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आदि कैलाश यात्रा 2026 को सुगम, सुरक्षित और विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार सीमांत जनपदों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ₹165 करोड़ की योजनाओं में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं, जो आने वाले समय में स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा कि "कैलाश उत्सव" केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर लाने का एक सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के सांस्कृतिक और पर्यटन विकास के लिए पिथौरागढ़ एक महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए उठाए जा रहे कदमों की भी जानकारी दी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में आदि कैलाश क्षेत्र देश के सबसे बड़े आध्यात्मिक पर्यटन केंद्रों में से एक बनकर उभरेगा। कैलाश उत्सव-2026' के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्तराखंड की विकास यात्रा में अब अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति और सीमांत क्षेत्रों को प्राथमिकता मिल रही है। 165 करोड़ की इन योजनाओं से पिथौरागढ़ की बुनियादी सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।