स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का अद्यतन होना बेहद जरूरी: मुख्यमंत्री सोरेन

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रांची। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को गति देने के लिए खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आगे आए हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस अभियान के तहत स्वयं अपना एन्यूमरेशन प्रपत्र (वोटर सत्यापन फॉर्म) भरकर जमा किया। इस दौरान उन्होंने राज्य के तमाम नागरिकों और पात्र मतदाताओं से बेहद भावुक और जिम्मेदार अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सभी लोग निर्धारित समय सीमा के भीतर एसआईआर प्रक्रिया को पूरा करें और मतदाता सूची में अपनी जानकारी का सत्यापन अवश्य कराएं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मतदान का अधिकार हर नागरिक की सबसे बड़ी ताकत और जिम्मेदारी है, और इस अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए इस अभियान में हिस्सा लेना बेहद जरूरी है।यह पूरी प्रक्रिया गुरुवार को रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में संपन्न हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में 64-हटिया विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या-290 की बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) वेरोनिका देवी ने मुख्यमंत्री का एन्यूमरेशन फॉर्म भरने की प्रक्रिया को नियमतः पूरा कराया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी और गांडेय क्षेत्र से लोकप्रिय विधायक कल्पना सोरेन ने भी बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभाई। उन्होंने भी मुख्यमंत्री के साथ ही स्वयं अपना एन्यूमरेशन प्रपत्र भरकर बीएलओ को जमा किया। मुख्यमंत्री दंपत्ति द्वारा खुद आगे बढ़कर इस फॉर्म को भरने से राज्य के आम नागरिकों के बीच एक सकारात्मक और प्रेरणादायी संदेश गया है। मतदान प्रक्रिया में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी ही हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया की आधारशिला ही इस बात पर टिकी है कि हमारी मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन (अपडेटेड) हो। मैं झारखंड के हर एक नागरिक से आग्रह करता हूँ कि वे अपने परिवार और पड़ोसियों को भी इस प्रक्रिया से जोड़ें। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान निर्वाचन विभाग और जिला प्रशासन की पूरी टीम मुस्तैद रही। इस वीवीआईपी सत्यापन प्रक्रिया के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त रांची मंजूनाथ भजंत्री, अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) कुमार रजत, ईआरओ-सह-एडीएम रांची धनंजय और उप निर्वाचन पदाधिकारी विवेक कुमार सुमन मुख्य रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के दूर-दराज के इलाकों में भी बीएलओ के माध्यम से घर-घर जाकर इस सत्यापन प्रक्रिया को तेजी से चलाया जाए ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न पाए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की इस पहल के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि झारखंड के सभी जिलों में एसआईआर अभियान में आम जनता की भागीदारी तेजी से बढ़ेगी। राजनैतिक पंडितों का भी मानना है कि आगामी चुनाव से पहले मतदाता सूची को दुरुस्त करने का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है।