प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामे के बाद पप्पू यादव ने लगाया साजिश का आरोप

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पूर्णिया। संसद के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर चल रहे विवाद के बीच पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जमकर हंगामा हो गया। मीडिया के सामने ही सांसद के समर्थकों और विरोधियों के बीच पहले तीखी बहस हुई और देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की और मारपीट तक पहुंच गया। इस दौरान एक व्यक्ति द्वारा सांसद की ओर जूता फेंके जाने की भी बात सामने आई है। हंगामे के बाद पप्पू यादव ने दावा किया कि एक शख्स उन पर हमला करने की नीयत से प्रेस कॉन्फ्रेंस में चाकू लेकर पहुंचा था। हालांकि, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक, पप्पू यादव ने हाल ही में संसद परिसर में किए गए विरोध प्रदर्शन और अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों पर अपना पक्ष रखने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। वह मीडियाकर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे, तभी वहां मौजूद कुछ लोगों ने सांसद से सवाल-जवाब शुरू कर दिए। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कुछ लोगों ने सांसद के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद उनके समर्थक भी भड़क गए। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई और बाद में मामला मारपीट तक पहुंच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की। इस दौरान पप्पू यादव खुद भी लोगों से शांत रहने की अपील करते नजर आए, लेकिन कुछ देर तक वहां स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। इसी बीच एक व्यक्ति द्वारा सांसद की ओर जूता फेंके जाने की बात भी सामने आई। हंगामे के बाद पप्पू यादव ने दावा किया कि एक अज्ञात व्यक्ति धारदार चाकू लेकर उनकी ओर बढ़ रहा था। सांसद का आरोप है कि वह व्यक्ति उन पर हमला करने और उनकी हत्या की नीयत से प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचा था। उन्होंने कहा कि उनके समर्थकों की सतर्कता के कारण बड़ी घटना होने से बच गई। सांसद ने पूरे घटनाक्रम को अपने खिलाफ रची गई साजिश करार दिया और आरोप लगाया कि जनता की आवाज उठाने के कारण कुछ लोग उन्हें निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को अलग किया। सुरक्षाकर्मियों ने सांसद को सुरक्षा घेरे में लेकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। पुलिस अब प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थल पर मौजूद वीडियो फुटेज की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जो अपना नाम सुमित बता रहा है। पुलिस उससे पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। वहीं, सांसद के एक समर्थक ने दावा किया कि संदिग्ध व्यक्ति ने पीछे से चाकू निकालने की कोशिश की थी, जिसके बाद समर्थकों ने उसे पकड़ लिया। समर्थक का कहना है कि यदि समय रहते उसे काबू नहीं किया जाता तो बड़ी घटना हो सकती थी। हालांकि, पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में चाकू लेकर हमला करने की कोशिश की गई थी या नहीं।

गेरुआ वस्त्र पहनकर संसद द्वार पर किया था विरोध
दरअसल, शुक्रवार को पप्पू यादव गेरुआ वस्त्र पहनकर साधु के वेश में संसद भवन के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए थे। इस दौरान उन्होंने अयोध्या में कथित चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर नाटकीय अंदाज में विरोध जताया था। इस प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनके खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगाए गए। इसी मामले में बनारस में शिकायत के आधार पर पप्पू यादव और राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की बात सामने आई थी। इसी विवाद पर सफाई देने के लिए पप्पू यादव ने रविवार को अपने आवास के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही समर्थकों और विरोधियों के बीच विवाद शुरू हो गया। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और वीडियो फुटेज के आधार पर हंगामे, मारपीट और सांसद द्वारा लगाए गए चाकू से हमले के आरोपों की सच्चाई का पता लगाने में जुटी है।